कालसर्प दोष पूजा उज्जैन में ही क्यों होती है?

क्या होता है काल सर्प दोष?-

मित्रों, काल सर्प दोष एक ऐसा दोष है जो आपके द्वारा या हमारे पिछले जीवन में किए गए अपराध के परिणाम स्वरूप हमारी कुंडली में पाया जाता है । हमारे शास्त्रों में काल सर्प दोष को 'कर्तरी' दोष के समान माना गया है। कई जगहों पर इसे सर्प दोष के नाम से भी जाना जाता है। अब कई लोगों के सामने यह सवाल होगा कि इसका पता कैसे चलेगा। तो आपको बता दें कि सौरमंडल के नौ ग्रहों में राहु और केतु दोनों ही छाया ग्रह हैं। राहु के जन्म नक्षत्र के स्वामी काल और केतु के नाग होते हैं, इसलिए जब भी किसी मनुष्य की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच बैठते हैं तो वे कालसर्प दोष बनाते हैं। इसके परिणामस्वरूप मनुष्य को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, तो आज ही कालसर्प दोष पूजा उज्जैन में करवाई।

यूं समझ लीजिए कि शांति,खुशी व उन्नति उसके जीवन से मुंह मोड़ लेते है। घर में हर रोज़ कलेश,संतान अवरोध या संतान की प्राप्ति ना होना, अंग हीन हो जाना,हर समय सब कुछ अशुभ होना आदि ये सभी बातें फिर आम सी होने लगती है। मुख्य रूप से 12 प्रकार के कालसर्प दोष माने गए है जिनके नकारात्मक प्रभाव से जातक की जान भी जा सकती है।

12 प्रकार के कालसर्प दोष:

1- अनंत कालसर्प योग। 

2- कुलिक कालसर्प योग। 

3- वासुकि कालसर्प योग। 

4- शंखपाल कालसर्प योग। 

5- पद्म कालसर्प योग। 

6- महापद्म कालसर्प योग। 

7- तक्षक कालसर्प योग। 

8- कर्कोटक कालसर्प योग। 

9- शंखनाद कालसर्प योग। 

10-पातक कालसर्प योग। 

11- विषाक्त कालसर्प योग। 

12- शेषनाग कालसर्प योग।

जैसा कि आपने देखा है कि यदि किसी की कुंडली में किसी भी प्रकार का कालसर्प दोष है तो उसकी मृत्यु हो सकती है। लेकिन अगर आप समय पर इलाज कराते हैं तो स्थिति फिर से ठीक हो सकती है क्योंकि अगर भगवान ने दर्द पैदा किया है तो उसका भी इलाज किया गया है। तो आइए जानते हैं कि ग्रंथों में किस पूजा का उल्लेख है और इससे बचने के लिए इसे कहां करना चाहिए।

कहां करे कालसर्प दोष पूजा? - (कालसर्प दोष पूजा उज्जैन)

कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे अच्छी और बेहतरीन जगह उज्जैन है। इसकी वजह यह है कि पूरे विश्व में केवल उज्जैन क्षेत्र ही तिल से धन्य है। मान्यता है कि यहां की जाने वाली हर पूजा चाहे कालसर्प दोष पूजा हो या कोई अन्य पूजा, इन सभी को बहुत जल्द फल मिल जाते हैं। यहां की गई पूजा आपको भगवान शिव के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद देती है।

कालसर्प दोष पूजा उज्जैन में भी की जानी चाहिए क्योंकि संयुक्त भारत में बाबा महाकालेश्वर और नागस्थली को पवित्र नगरी उज्जैन से सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उज्जैन को नागस्थली मुख्य स्थान के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए जातक को कुंडली से कालसर्प दोष को रोकने के लिए कालसर्प दोष पूजा उज्जैन में करनी चाहिए।

कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन - 

मित्रों, कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए जातक को पहले किसी विद्वान पंडित को अपनी कुंडली दिखानी चाहिए और फिर कालसर्प दोष निवारण के लिए उज्जैन आना चाहिए। आपको बता दें कि कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन में केवल 3 घंटे के भीतर होती है। जिसमें श्रद्धालुओं को स्नान कर अपनी उपवास की शुरुआत करनी पड़ती है।

पूजा के लिए पुरुष जातक को केवल कुर्ता, धोती, गाचा और महिला जातक जैसे साड़ी या सलवार कमीज जैसे कपड़ों का ही प्रयोग करना चाहिए। कालसर्प दोष निवारण पूजा खत्म होते ही आपको उस कपड़े को उज्जैन में रखना होगा। कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए काले और हरे कपड़ों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

चेक करे - मंगल दोष शांति पूजन उज्जैन

  • Give us a call: +91 8989500324
  • Send us a mail: [email protected]
  • Address: H.N. 58,Yogipura,Near harsidhi Mata Mandir,Ujjain,Madhya Pradesh 456010,India
Follow Us

Contact Us